दोनों अध्यक्षों ने संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक परंपराओं, विधायिका की चुनौतियां और उसकी प्रभावी भूमिका पर चर्चा की। देवनानी ने राजस्थान विधानसभा की विशेषताओं, नवाचारों , सदन की ऑनलाइन एवं पेपरलेस प्रक्रिया, पारदर्शी कार्यशैली की जानकारी दी। महाना ने राजस्थान विधानसभा भवन की अनूठी स्थापत्य संरचना, सदन की ऑनलाइन एवं पेपरलेस कार्यप्रणाली और यहां विकसित की गई आधुनिक व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने विधानसभा संग्रहालय (म्यूजियम) का भी दौरा किया और वहाँ प्रदर्शित संसदीय धरोहर, संविधानिक इतिहास एवं राजस्थान की समृद्ध लोकतांत्रिक परंपरा से संबंधित दुर्लभ दस्तावेज़ों की सराहना की।
देवनानी और महाना ने विधानसभाओं से संबंधित संसदीय कार्य प्रणालियों पर आधारित अनुभव साझा किये।दोनों अध्यक्षों ने माना कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए एक-दूसरे के अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों की विधान सभाओ के आपसी सहयोग को अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए विधान मंडलों के अध्यक्षो के अनुभवों को साझा करने बल दिया।
देवनानी ने महाना को बताया कि राजस्थान विधानसभा में भारतीय नव वर्ष के अनुसार वार्षिक डायरी का प्रकाशन किया गया है। विधानसभा में कारगिल शौर्य वाटिका का निर्माण किया गया है। विधानसभा के राजनीतिक आख्यान संग्रहालय में राजस्थान के महापुरुषों और विभिन्न क्रांतियों से संबंधित जानकारियों तथा संवैधानिक दीर्घा के नवाचारों का समावेश भी किया गया है। देवनानी ने महान को कॉन्स्टिट्यूट क्लब ऑफ राजस्थान का अवलोकन कराते हुए बताया कि क्लब के विभिन्न सभागारों का नामकरण भारतीय शब्दों पर किया गया है। देवनानी ने महाना के सम्मान में दोपहर भोज भी दिया।