हर जिले के डीजे जेलों का दौरा कर रिपोर्ट पेश करें, सरकार भी दे अपनी रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि मामले में राज्य सरकार की ओर से गत 15 जुलाई को भी ठोस पालना रिपोर्ट पेश करने के लिए समय लिया था। इसके बावजूद अभी तक सरकार ने रिपोर्ट पेश नहीं की है। अदालत ने वीसी सहित अन्य बिंदुओं पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन उस संबंध में भी राज्य सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसे में जिला न्यायाधीशों से स्थानीय जेलों की रिपोर्ट मंगानी चाहिए और राज्य सरकार को भी पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए जाए, ताकि अदालत के समक्ष जेलों की वास्तविक स्थिति आ सके। इस पर अदालत ने राज्य सरकार को समय-समय पर दिए निर्देशों की पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। गौरतलब है कि कैदियों के हालातों को देखते हुए अदालत ने सालों पहले प्रकरण में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था। इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को 45 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए थे। वहीं बाद में अदालत ने पांच अन्य बिंदुओं पर भी राज्य सरकार से पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा था। अदालत ने गत सुनवाई पर राज्य सरकार को यह चेतावनी भी दी थी कि यह ठोस जानकारी पेश नहीं की गई तो संबंधित विभागों के सचिवों को तलब किया जाएगा।