शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

गुरुजी अमर रहें सहित अन्य नारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धा और सम्मान से भरे इस दृश्य में हर किसी का चेहरा गमगीन और आंखें नम थीं।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। उन्होंने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और झारखंडी पहचान के लिए दशकों तक संघर्ष किया।

मौके पर मौजूद झामुमो के कार्यकर्ता ने भावुक होते हुए कहा कि आज अगर झारखंड एक राज्य के रूप में स्थापित है, तो उसका श्रेय गुरुजी को जाता है। उन्होंने झारखंड के लोगों को हक और पहचान दिलाई।

वहीं गुरुजी के अंतिम दर्शन के लिए झामुमो के कार्यकर्ता, विधायक, सांसदों के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेता भी पहुंचे। राजनीतिक सीमाएं आज टूट गईं और हर दिल में सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था गुरुजी शिबू साेेेेेरन।

डूंगरी निवासी आनंद विजय नायक ने कहा कि हमने अपने अभिभावन को खो दिया। यह पल अंदर से कचोट रहा है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

रमेश गोप, इलियास, छोटू सहित अन्य हजारों लोगों ने दुख प्रकट किया।