उन्होंने बताया कि उक्त मरीज को पिछले एक साल से सीने में दर्द और सांस फूलने की शिकायत थी। जांच में पता चला कि उनकी तीनों हृदय धमनियां बंद थीं। इससे उन्हें हार्ट अटैक का खतरा था। बीते 8 अगस्त को हृदय शल्य चिकित्सा की गई। सर्जरी में हार्ट-लंग मशीन का इस्तेमाल किया गया।
डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि मरीज की हालत में सुधार है। उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। सर्जरी का पूरा खर्च हिमकेयर योजना के तहत किया गया है। सीटीवीएस विभाग पहले से ही हृदय वाल्व की मरम्मत, प्रतिस्थापन और जन्मजात दोषों की सर्जरी कर रहा है।
डॉ. देशबंधु शर्मा के नेतृत्व में सर्जरी टीम में डॉ. विकास पंवार और डॉ. पुनीत शर्मा शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. भारती गुप्ता, डॉ. धीरज, डॉ. अमन ठाकुर और डॉ. आर्यन ने योगदान दिया। डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि कुछ और उपकरण मिलने से वे और जटिल सर्जरी कर सकेंगे। इससे हृदय रोगियों को अपने घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।