समारोह में बेहतर अनुसंधान करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस मीट में 10 श्रेणियों के तहत कुल 6 प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं।
आईजी मनोज कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, ऐसे में पुलिस को भी लगातार तकनीकी और अनुसंधान आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने अपराध अनुसंधान के लिए एक विशेष ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने पर जोर दिया और खासकर साइबर अपराध के मामलों में सजग रहने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारियों का मुख्य लक्ष्य तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर साक्ष्य जुटाना और अपराध अनुसंधान को मजबूत करना है। सफल प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया और उन्हें स्टेट लेवल प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया। सफल होने पर ये प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी शामिल होंगे।