बता दें कि 9 अगस्त की दोपहर लगभग 3 बजे मेहनूर अपनी छोटी बेटी को घर पर छोड़कर दवा लेने बाजार निकली थी, लेकिन वह लौटकर नहीं आई। उसके पिता कमाल पुत्र अब्दुल बारी ने बताया कि जब वह शाम को घर लौटे तो बेटी का कहीं पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला। परिवार ने आस-पास तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
खोजबीन के दौरान परिजनों को यमुना नदी के पुल के पास मेहनूर की चप्पल मिली, जिसके बाद उसके नदी में कूदने की आशंका जताई गई। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई।
मंगलवार सुबह से एनडीआरएफ की टीम ने यमुना पुल से लेकर गुलौली गांव तक नदी में खोज अभियान चलाया। डाइविंग टीम और विशेष उपकरणों की मदद से कई घंटों तक तलाशी जारी रही, लेकिन मेहनूर का कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों के अनुसार, मेहनूर की शादी करीब साढ़े छह साल पहले रामचबूतरा निवासी नवील (पुत्र बुद्धू अंसारी) से हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद ही उसके पति की मौत हो गई, जिसके बाद वह अपनी बेटी के साथ मायके में रहने लगी। पति के निधन के बाद से वह गहरे मानसिक सदमे में थी और नियमित दवाएं ले रही थी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक परमहंस तिवारी ने बताया कि यमुना पुल पर मिली चप्पल से आत्महत्या की आशंका बलवती होती है, लेकिन जब तक शव नहीं मिलता, कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। खोज अभियान जारी है और पुलिस परिजनों के साथ मिलकर अन्य संभावित स्थानों पर भी तलाश कर रही है।