मप्रः आगरमालवा में निकली बाबा बैजनाथ की भव्य शाही सवारी, डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने किए दिव्य दर्शन

शाही सवारी के दिन बाबा बैजनाथ मंदिर के प्रातः 3ः00 बजे मंदिर के पट खोले गए। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने मंदिर पुजारियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार से गर्भ गृह में बाबा बैजनाथ का पंचामृत स्नान, अभिषेक पूजन एवं आरती की गई। प्रातः 5.00 से 7.30 बजे तक गर्भ गृह में भक्तों द्वारा बाबा बैजनाथ के दर्शन एवं पूजन किया गया। दोपहर में गर्भगृह में बाबा बैजनाथ का पूजन एवं आरती हुई। विधायक मधु गहलोत, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, पूर्व विधायक गोपाल परमार, नगर पालिका अध्यक्ष निलेश पटेल, प्रेम यादव, बाबूलाल यादव, देवकरण गुर्जर, कैलाश कुंभकार, हरिनारायण यादव, भेरूसिंह चौहान, जितेन्द्रसिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं मंदिर पुजारीगण द्वारा बाबा बैजनाथ का पूजन एवं आरती की गई। जिला पंचायत सीईओ नंदा भलावे कुशरे, अपर कलेक्टर आर पी वर्मा, एसडीएम मिलिन्द ढोके, मोतीलाल कुशवाह सहित जिले के अधिकारी सहित पुलिस तहसीलदार, पटवारी भी बाबा बैजनाथ मंदिर में उपस्थित रहे। पुलिस द्वारा बाबा बैजनाथ महादेव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तत्पश्चात बाबा बैजनाथ को नगर भ्रमण के लिए आमंत्रित किया गया।

बाबा बैजनाथ ने चांदी की पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया। इसके पश्चात शाही सवारी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई, जो परंपरागत मार्ग से होते हुए जिला जेल के सामने से पहुंची, जहां जेलकर्मियों द्वारा बाबा बैजनाथ का पूजन कर सलामी दी गई। शाही सवारी छावनी नाका पहुंचने पर बैंड, बाजे, ढोल, झंडा मंडलिया, झांकियों का कारवां जुड़ा। सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए बाबा बैजनाथ की आराधना करते हुए पालकी के साथ रहे। बैंड बाजों पर शिव भक्ति धुन एवं भक्तों द्वारा बाबा बैजनाथ की जय घोष से पूरा नगर बाबा बैजनाथ की भक्ति में डूबा नजर आया। स्थानीय पुरानी कृषि उपज मंडी में सभी श्रृद्धालु भक्तों को भोजन प्रसादी करवाई गई।

शाही सवारी नाका चौराहा, छावनी झंडा चौक, रातडिया तालाब, नाना बाजार होते हुए लगभग रात्रि 9.30 बजे गोपाल मंदिर पहुंची जहां हरिहर मिलन हुआ। इसके पश्चात सराफा बाजार, सरकार वाडा, हाटपुरा, अस्पताल चौराहा माधवगंज एवं देर रात्रि कृषि उपज मंडी पहुंचेगी, जहां बाबा बैजनाथ का पूजन होने के उपरांत सवारी का समापन होगा।

आदिवासी नृत्य रहा आकर्षण का केंद्रशाही सवारी में आदिवासी कलाकारों द्वारा आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति देकर अपनी कला और संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी गई। पूरी सवारी में आदिवासी नृत्य लोगो के आकर्षण का केंद्र रहा, आदिवासी वेशभूषा में कलाकारों द्वारा दी गई नृत्य की प्रस्तुतियां की हर कोई सराहना करता दिखाई दिया। उज्जैन से आए डमरू और नासिक के ढोल कलाकारों की जोरदार प्रस्तुति के साथ भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, ढोल और डमरू की धुन ने भक्तों में जोश और उत्साह का संचार किया।

जयनारायण बापजी की झांकी भी हुई शामिल

बाबा बैजनाथ के अनन्य भक्त रहे जयनारायण बापजी का झांकीरथ भी इस वर्ष शाही सवारी का हिस्सा रहा है। जयनारायण बाप जी की झांकी को आकर्षक रूप में सजाया जाकर नगर भ्रमण करवाया गया।

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