मप्रः शनिचरी अमावस्या पर शनिधाम पहुंचे छह लाख श्रद्धालु, सुख-समृद्धि की कामना की

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं। कलेक्टर श्री अंकित अस्थाना के निर्देशन में पुलिस, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारीगण लगातार व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग करते रहे। पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के मार्गदर्शन में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए, जिनमें दो पालियों में 600 पुलिसकर्मी एवं राजस्व विभाग के 500 कर्मचारियों की तैनाती की गई।

मेले को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया था, जिनमें सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारी, समाजसेवी व जिला अधिकारी मेला स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्था संभालते रहे। स्काउट गाइड के बच्चों द्वारा बुजुर्ग दर्शानार्थियों को सहयोग प्रदान किया गया, उन्हें दर्शन कराकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह डाबर, डीएसपी हेडक्वार्टर विजय भदौरिया सहित समस्त एसडीओपी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं मैदानी कर्मचारी व्यवस्था में सक्रिय रूप से लगे रहे।

श्रद्धालुओं के लिए महिला एवं पुरुष स्नानागारों की अलग-अलग व्यवस्था की गई, जिससे स्नान की प्रक्रिया सुगम और व्यवस्थित रही। नाई ज़ोन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा स्थापित नाई ज़ोन में लगभग 300 नाइयों की व्यवस्था की गई थी। फायर ब्रिगेड की तैनाती संभावित अग्निकांडों की रोकथाम हेतु विभिन्न स्थानों पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई।

मेले में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी के भण्डारे लगाए गए। सिरसा द्वारा लगातार 26वीं बार भण्डारा लगाया गया। दर्शन मार्ग में अनुशासन महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन मार्ग निर्धारित किए गए, जिससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिली। अन्य सुविधाएं मेले में पेयजल, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस, डॉक्टर्स, सुरक्षा गार्ड, मार्गदर्शक तथा प्रशासनिक अधिकारी निरंतर सेवाएं प्रदान करते रहे।इस प्रकार शनिधाम मेला श्रद्धा, सुरक्षा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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