पंचायत समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि प्रखंड प्रमुख न तो पंचायत समिति की मासिक बैठक बुलाती हैं और न ही कार्यकारिणी से पारित योजनाओं का पालन होता है। योजनाओं का संचालन प्रमुख के पति मनमाने ढंग से करते हैंं, जो न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अवहेलना भी है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार फर्जी ग्राम सभाएं कर लाभुक समितियों का गठन किया गया, जिनकी जानकारी संबंधित पंचायत समिति सदस्यों को तक नहीं दी जाती। इसके अलावा, सदस्यों ने आरोप लगाया कि जब वे योजनाओं की जानकारी मांगते हैं, तो उन्हें डांट-डपट कर चुप करा दिया जाता है। कई सरकारी कार्यक्रमों में पंचायत समिति सदस्यों को आमंत्रित तक नहीं किया जाता और कार्यों में प्रखंड प्रमुख से अधिक हस्तक्षेप उनके पति करते हैं।
समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रमुख की कार्यशैली भेदभावपूर्ण है और इससे प्रखंड में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसीलिए उन्होंने एसडीओ से आग्रह किया है कि अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में पंचायत समिति मंझारी (2) की सदस्य मंजुश्री चाटर सहित अन्य सदस्य शामिल थे।