कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के एक बुजुर्ग और सभ्रांत व्यक्ति के विरुद्ध इस तरह से प्रकरण दर्ज करना ठीक नहीं है, जिससे सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है। उनका कहना कि अगर उन्होंने कोई कमेंट कर भी दिया था, तो वह उनसे कहकर हटवाया भी जा सकता था। उन्होंने कोई इतना बड़ा अपराध नहीं किया था, जिस कारण से पता नहीं आज वह कहां हैं और उनके घर की तलाशी ली जा रही है, यह सरासर अन्याय है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस पुलिस कार्रवाई का विरोध करती है।
वहीं महेन्द्र जैन मिंदा के भतीजे शुभम जैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके घर की अर्धरात्रि में पुलिस द्वारा उनके घर में ताला तोडक़र तलाशी ली गई, परिजनों को धमकाया गया और उनके मां के साथ अभद्रता की गई। बताया कि उनके घर रात्रि में डेढ़ बजे अक्षय कुशवाह सब इंस्पेक्टर के साथ करीब 8 पुलिस वाले आये और आते ही घर के अंदर ताला तोड़ा गया और उनसे उनके चाचा के बारे में पूछताछ की गई। जब उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं तो रात्रि में ही तूमैन आमखेड़ा गांव उन्हें तलाशी करने साथ ले जाया गया और जब उनके चाचा वहां नहीं मिले तो उनके साथ अभद्रता की गई।
दर असल रविवार रात सोशल मीडिया पर चर्चित संत अनिरुद्धाचार्य की एक पोस्ट वायरल हुई थी, वायरल पोस्ट में एक महिला जिले के खिरिया टांका गांव में शिक्षा अव्यवस्था की शिकायत अनिरुद्धाचार्य से कर रही है। उक्त पोस्ट पर मिंदा ने ज्योतिरादित्य के क्षेत्र होने को लेकर कमेंट किया था। जिस पर सिंधिया समर्थकों द्वारा मिंदा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। जिस पर से अब बुजुर्ग नेता की तलाशी लेने के लिए पुलिस अर्धरात्रि में उनके घर पहुंच रही है। यहां यह भी उल्लेखनीय हो कि मिंदा वरिष्ठ पार्षद रहे हैं और स्व.माधवराव सिंधिया के भी निकटतम रहे हैं। इस के बावजूद पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके साथ इस तरह का घटनाक्रम जिले में चर्चा का विषय है।