इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालय और पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सर्वांगीण विकास में सहयोग सुनिश्चित करना है। पालक-शिक्षक बैठक के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, बल्कि उनकी अन्य गतिविधियों और व्यवहार की जानकारी भी पालकों तक पहुंचेगी, जिससे सतत प्रेरणा और समय पर मार्गदर्शन मिल सके।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने जिले के समस्त पालकों से अपील की है कि वे इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने बच्चों की गतिविधियों से अवगत हों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्रिय भागीदारी निभाएं। कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि पालक-शिक्षक बैठक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप ड्रॉपआउट दर में कमी लाने, परीक्षा के तनाव और अवसाद से विद्यार्थियों को बचाने, तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने में सहायक सिद्ध होगी।