उल्लेखनीय है कि एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री के पुतला दहन को लेकर कोई रणनीति बनाई थी जिसकी भनक प्रशासन को लग गई और उन्होंने कार्यक्रम शुरू होने के पहले ही पदाधिकारीयों को नजर बंद कर दिया। सचिन रजक ने कहा, यह गिरफ्तारी पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष और छात्रों की आवाज़ को इस प्रकार दबाना गंभीर चिंता का विषय है और यह संविधान की मूल भावना के प्रतिकूल है। प्रदेश पदाधिकारी अदनान अंसारी व शफी खान का कहना रहा कि मुख्यमंत्री का यह डर साफ़ दिखाता है कि वे युवाओं और छात्रों की आवाज़ से वे घबराए हुए हैं।