लेकिन शिलान्यास को एक वर्ष से अधिक बीत चुका है, फिर भी निर्माण कार्य की शुरुआत तक नहीं हुई है। न मिट्टी की कटाई हुई है और न ही निर्माण एजेंसी की कोई गतिविधि दिखाई दी है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यह शिलान्यास सिर्फ दिखावा साबित हुआ, नेताओं ने मंच पर भाषण देकर और तस्वीरें खिंचवाकर जनता को गुमराह किया, लेकिन हकीकत में विकास का कोई काम नहीं हुआ।
इस मामले पर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि गोप ने भी आवाज उठाई है। गोप ने रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री और जिले के उपायुक्त को सोशल मीडिया एक्स पर लिखकर कर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल पत्थर पर नाम लिख देने से विकास नहीं होता, जनता को असली काम चाहिए, न कि राजनीतिक नाटक।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को तुरंत शुरू किया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्य में और देरी होती है, तो इसे जनता के साथ धोखा और भ्रष्टाचार की मिसाल माना जाएगा।