शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी के मार्गदर्शन में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना यादव, पायल परमार, गार्गी शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, विधिक सहायता योजनाओं तथा हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने अपने प्रश्न भी पूछे जिनका समाधान अधिकारियों द्वारा किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी ने बताया कि केंद्र पर पीड़ित महिलाओं को निरंतर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।