जश्ने आजादी पर उलमा की अपील – मकान, दुकान और मदरसों पर फहराएं तिरंगा

उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की शान है और देश की आजादी सभी समुदायों के बलिदान से मिली है। अल्लामा फजले हक खैराबादी, मुफ्ती रजा अली खां बरेलवी, अबुल कलाम आजाद समेत हजारों मुजाहिदीन-ए-आजादी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और बलिदान दिए।

मौलाना गुलाम मोहियूद्दीन हशमती ने कहा कि भारत की संस्कृति सभी धर्मों की परंपराओं से समृद्ध हुई है। मौलाना फारूख नूरी और मौलाना अकबर अली ने आजादी में हिंदू-मुस्लिम योगदान को रेखांकित किया, जबकि मौलाना अबसार रजा हबीबी ने काकोरी शहीदों को नमन किया। समाजसेवी हाजी नाजिम बेग ने स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर डाक टिकट और चौराहों के नाम रखने की मांग की।

बैठक में शकील खां, हाजी असरार खां, रोमान अंसारी सहित कई लोग मौजूद रहे।