एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय प्रदेश में बिजली सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। वर्तमान में टी-मेट के 4,009 स्वीकृत पदों में से 3,049 पद रिक्त पड़े हैं, जिससे न केवल संचालन में समस्याएं आ रही हैं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 1,000 टी-मेट के पदों को भरने और वृत्त स्तर पर टी-मेट के रिक्त पदों के स्थान पर 1,602 बिजली उपभोक्ता मित्रों को नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि बिजली उपभोक्ता मित्रों की नियुक्ति एक अधिकृत सरकारी एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिन्होंने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की हो और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रिकल या वायरमैन ट्रेड में आईटीआई प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो। इन पदों के लिए आवेदकों की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि फील्ड कर्मचारी एचपीएसईबीएल की रीढ़ की हड्डी हैं, जो आपात स्थितियों में बिजली बहाल करने, क्षतिग्रस्त विद्युत ढांचे की मरम्मत करने और उपभोक्ताओं को कुशल सेवाएं प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में कार्यबल को मजबूत करने से न केवल सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 23,191 युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया गया है। आने वाले समय में भी सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोज़गार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य करती रहेगी।