जिले में हाल ही में एनएच-130 पर करीब आठ आवारा गायों के सड़क दुर्घटना में मरने की घटना सामने आई है। बरसात के मौसम में चारों तरफ उगी फसल और चारागाह की कमी के कारण पशु सड़क पर निकल आते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा, राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि, अब किसी भी पशु मालिक को अपने पशुओं को सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर खुला छोड़ने की अनुमति नहीं है। अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-285 और 291 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा-11(1) के तहत कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी उप-नियंत्रक और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि, सभी पशु मालिक अपने पशुओं को हमेशा बांधकर रखें। पशुओं को मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर खुला न छोड़ें और न ही उन्हें एकत्रित होने दें।
इस निर्णय का मकसद न केवल लोगों और पशुओं की सुरक्षा है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं का निर्बाध संचालन और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना भी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लापरवाह मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।