दरअसल, घटना के बाद मासूम की मां अहिल्याबाई ने गंभीर हालत में बच्ची को पाटन स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया, जहां से उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मप्र मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर मामले में संज्ञान में लिया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि मामले को मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुये, कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव कुमार टण्डन की एकलपीठ ने जनहित में प्रथम दृष्ट्या मानव अधिकारों के हनन का मामला इसे माना है। जबलपुर के कलेक्टर एवं सीएमएचओ को निर्देशित किया गया है कि ऐसे प्रयास किये जायें कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उक्त मामले की जांच कराकर, घायल के इलाज के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।