इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने एक साथ मिलकर करमा पर्व की खुशियों को साझा किया। यह समारोह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक रहा।
इस समारोह में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक, विशिष्ट अनुभजन पदाधिकारी मोनी कुमारी, आईटीडीए संजय भगत, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी केके राजहंस, जिला नजारत उप समाहर्ता डॉ सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला कोषागार पदाधिकारी सारिका भगत, एसएआर मनीषा तिर्की सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने कहा कि करमा पर्व हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा एक अनमोल उत्सव है, जो हमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और एक-दूसरे के साथ मिलजुल कर आगे बढ़ने का संदेश देता है। आज का यह समारोह हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने का एक शानदार उदाहरण है।
इस अवसर पर समाहरणालय के कर्मचारियों ने अपनी कला के माध्यम से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया
कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य, संगीत और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
समाहरणालय के कर्मचारियों ने अपनी कला के माध्यम से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया, जिसे देखकर सभी उपस्थित लोगों में गर्व और उल्लास की भावना जागृत हुई।
उपायुक्त ने कर्मचारियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों ने न केवल हमारी संस्कृति को उजागर किया, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत किया।
कार्यक्रम के दौरान ज़ब मांदर की धुन पर उपायुक्त ने मांदर गले में लटकाकर मांदर बजाने लगे, ज़ब उन्होंने मांदर बजाया तो उनके साथ जिला के तमाम वरीय पदाधिकारी और समाहरणालय कर्मी थिरकने लगे।