उल्लेखनीय है कि पंजाब से सटे कस्बा रोड़ी से सरपंची से सियासी सफर शुरू करने वाले चरणजीत सिंह रोड़ी ने जितने भी चुनाव लड़े उनमें से एक चुनाव छोडक़र किसी में भी पराजित नहीं हुए। चरणजीत सिंह रोड़ी वर्ष 2000 से 2005 तक रोड़ी के सरपंच रहे। इसके बाद वे जिला परिषद के सदस्य बने। ये दोनों ही पद एससी के लिए आरक्षित थे। वर्ष 2009 कालांवाली हलका आरक्षित हो गया।
यहां से वर्ष 2009 में इनेलो व अकाली दल ने चरणजीत रोड़ी को मैदान में उतारा और वे विधायक बने। इसके बाद सिरसा आरक्षित लोकसभा से 2014 में वे इनेलो की टिकट पर सांसद बने। इस प्रकार उनका राजनीतिक जीवन सरपंची से सांसद तक रहा। साल 2019 में उन्होंने सिरसा से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा पर वे हार गए। इनेलो छोडऩे के बाद वे कुमारी सैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हो गए, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिली। आज चरणजीत सिंह रोड़ी ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया और भाजपा में शामिल हो गए।