ट्राई ने डीपीओ को मासिक और तिमाही आधार पर रिपोर्ट देने का दिया आदेश

ट्राई ने 1997 के दूरसंचार अधिनियम की धारा 12 के तहत यह आदेश जारी किया है, ताकि सेवा गुणवत्ता और अनुपालन पर नजर रखी जा सके। ट्राई के इस नए नियम से सभी डीपीओ को हर महीने के अंत से 10 दिनों के अंदर मासिक रिपोर्ट (एम-पीएमआर) और तिमाही के अंत से 15 दिनों के अंदर तिमाही रिपोर्ट (क्यू-पीएमआर) जमा करनी पड़ेगी। ये रिपोर्ट टैरिफ, इंटरकनेक्शन और सर्विस क्वालिटी जैसे नियमों के पालन पर आधारित होंगी।

इससे पहले 2008 में डीटीएच ऑपरेटरों के लिए तिमाही रिपोर्ट अनिवार्य की गई थी, फिर 2019 में एमएसओ और एचआईटीएस को भी जोड़ा गया। अब ट्राई ने रिपोर्ट के फॉर्मेट अपडेट कर सभी को कवर किया है। हालांकि, जिन डीपीओ के एक्टिव कस्टमर 30 हजार से कम हैं, उनके लिए तिमाही रिपोर्ट वैकल्पिक रहेगी।

ट्राई का कहना है कि इससे सेवा में सुधार होगा और बाजार में निष्पक्षता आएगी। ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में यह बदलाव उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव देगा, क्योंकि ऑपरेटरों पर अब ज्यादा जवाबदेही होगी।

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