जोधपुर, 13 अक्टूबर । केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह की अराजकता है, उसमें महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। जिस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर मामले में असंवेदनशीलता रवैया अपनाती हैं, उसके परिणाम स्वरूप ही आज बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, इसलिए राज्य में न तो कोई दिन में सुरक्षित है और न रात में।
केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सोमवार को सुबह मुम्बई से बीकानेर पहुंचे। बीकानेर में एयरपोर्ट पर गणमान्य लोगों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। बीकानेर सर्किट हाउस में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि हाल में देश और दुनिया ने देखा कि किस तरह तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने एक सांसद पर हमला किया। महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं वहां आम हो चुकी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी ने ऐसे असंवेदनशील बयान दिए। शेखावत ने कहा कि अगर ममता बनर्जी अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करतीं तो इससे समाज को सशक्त संदेश जाता। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की माताएं, बहनें और बेटियां आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक जवाब देंगी।
बिहार जानता है कौन चारा चोर है
आईआरसीटीसी घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप तय होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इस पर कोई टिप्पणी उचित नहीं। हालांकि, उन्होंने आगे जोड़ा कि बिहार की जनता जानती है कि कौन चारा चोर है, और कौन नौकरी घोटाले में शामिल रहा है, इसलिए वे बार-बार सत्ता से बाहर हैं। बिहार में आगामी चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि एनडीए जीत हासिल करेगा।
हर बार कुंदन बनकर निकला है संघ
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के पुत्र द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध की मांग पर शेखावत ने कहा कि संघ ने सौ साल की यात्रा में हर चुनौती को पार किया है। जैसे सोना तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही संघ हर बार और अधिक परिष्कृत रूप में उभरा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संघ राष्ट्र निर्माण के पथ पर अडिग है और ऐसे बयानों से संगठन प्रभावित नहीं होता।
गाय व गोचर हमारी आस्था का विषय
बीकानेर में गोचर भूमि को लेकर उठे विवाद पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गाय व गोचर हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है। विशेषकर पश्चिम राजस्थान के लोगों के लिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं इस भूमि को बचाने के प्रयासों में वर्षों से जुड़े रहे हैं और इस पर पहले न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी। शेखावत ने कहा, यदि इस भूमि को रकबा घोषित किया जा रहा है तो यह निर्णय अस्वीकार्य है, जहां भी गलती हुई है, उसे सुधारना चाहिए। यह जनभावना और पर्यावरण दोनों के विरुद्ध है।