इस कैंडल मार्च में उदित के दोस्तों के अलावा उनके परिवार एवं अन्य परिजन भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सिर्फ उदित की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। परिवार के लोगों ने कहा कि हमारे बेटे के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो, न्याय के लिए आवाज़ ज़रूर उठाएं।
गौरतलब है कि बीते गुरुवार की देर रात पिपलानी थाने में पदस्थ आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उदित की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मामले में आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। दोनों को रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। शनिवार को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह बेरहमी से की गई पिटाई, ट्रॉमा अटैक और पैनक्रियाज डैमेज बताई गई थी।