उन्होंने कहा, “महर्षि वाल्मीकि न केवल भारतीय साहित्य के अमर कवि थे, बल्कि वह समाज में समानता, न्याय और मानवता के प्रतीक भी थे। इस विशेष कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला जाएगा तथा समाज में उनके योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री व समाज कल्याण मंत्री ने कहा, “दिल्ली सरकार दलित समाज के उत्थान, शिक्षा, समान अवसरों और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षा आज भी समाज में समानता, सम्मान और गरिमा की भावना को सशक्त बनाती हैं।”
उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम न केवल महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को याद करने का अवसर होगा, बल्कि यह दलित समाज के प्रति सरकार की गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक भी बनेगा।”