पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित मझगांव प्रखंड के मध्य विद्यालय देवधर स्थित हो जनजातीय जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय का अवलोकन करने रविवार को पांच सदस्यीय फ्रांसीसी पर्यटकों का दल पहुंचा।
ट्राइबल इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पश्चिमी सिंहभूम जिला सचिव अनमोल पाट पिंगुवा के नेतृत्व में पहुंचे दल ने संग्रहालय में रखी सामग्री का गहन अध्ययन किया। उन्होंने हो जनजाति के जीवन, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी वस्तुओं को कैमरे में कैद किया और उनकी उपयोगिता का उल्लेख अपनी डायरी में किया।
आगंतुकों का स्वागत विद्यालय प्रबंधन समिति एवं अभिभावकों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार हाथ धुलाकर, फूल-मालाएं और पत्ते की टोपी पहनाकर किया। पारंपरिक मांदल और नगाड़े की थाप पर स्कूली बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत करते हुए पर्यटकों की अगुवाई की।
स्वागत दल में विद्यालय के प्रभारी जगदीश चन्द्र सावैयां, विज्ञान शिक्षक देवानंद तिरिया, मेनंती पिंगुवा, कविता महतो, चंद्रशेखर तामसोय, हो भाषा शिक्षक सुभाष हेम्ब्रम, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रशिक्षक बलभद्र हेम्ब्रम, ग्राम मुंडा श्याम पिंगुवा, राज्य साधनसेवी शिक्षक कृष्णा देवगम, मंगल सिंह मुंडा, एसएमसी अध्यक्ष चंद्रमोहन पिंगुवा, बाल संसद अध्यक्ष संगीता पुरती एवं डाकुवा जगराय पिंगुवा समेत कई अभिभावक शामिल थे।
वर्ष 2017 में तत्कालीन कोल्हान प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक अरविंद विजय बिलुंग की प्रेरणा से स्थापित यह संग्रहालय अब विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इससे पहले नीदरलैंड के इतिहासकार पॉल स्ट्रूमर भी वीर योद्धा पोटो हो के जीवन पर अध्ययन के दौरान इस संग्रहालय का दौरा कर चुके हैं।