पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास

थाना लाइनपार के क्षेत्र गुंदाऊ निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू ने अपनी पत्नी मलुकी उर्फ ममता की 20 अगस्त 2019 को कलह के चलते हत्या कर दी। पता चलने पर ममता के चाचा ओंकार ने पुष्पेंद्र तथा उसके पिता बलवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था भाई रविकांत की मृत्यु हो गई है। उन्होंने अपनी भतीजी की शादी 2005 को पुष्पेंद्र के साथ की थी। उनका कहना था भतीजी की हत्या के बाद उसके शव को पहले भूसे में तथा बाद में बाजरे के खेत में छिपा दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू के खिलाफ हत्या कर शव गायब कराने की धाराओं के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 2 सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी एडीजीसी अवधेश कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू को हत्या और शव गायब कराने का दोषी माना।

न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 60,000 रुपया अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।