जेडीए से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी में 229 मुख्य और 1968 सड़कें गारंटी पीरियड वाली है। 583 किलोमीटर लम्बी 229 मुख्य सड़कों पर 1887 गड्ढे और 2431 किमी गारंटी पीरियड की 1968 सड़कों पर 168 गड्ढे चिन्हित किए गए है। वर्तमान में तीन विभाग जयपुर में सड़क काटने का काम कर रहे है। विकास कार्यो के लिए अब तक 500 किमी लम्बी सड़कों को खोदा गया है। इन विभागों द्वारा काटी गई सड़कों को जेडीए द्वारा दुरुस्त किया जा रहा है। जयपुर में राजस्थान विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, पीएचईडी और सीवर लाइन डालने के लिए 782 किलोमीटर सड़क काटी जाएगी। बारिश से पहले या बारिश के दौरान अब तक इन विभागों द्वारा जयपुर में करीब 600 किमी सड़क खोद रखी है। इसके अलावा टोरंटो कम्पनी द्वारा गैस लाइन डालने के लिए जयपुर में 278 किमी सड़क काटी जाएगी। अब तक कम्पनी द्वारा 150 किमी सड़क कम्पनी द्वारा काटी जा चुकी है। हालाकि सड़क खोदने के बाद दुरुस्त करने का काम टोरंटो कम्पनी द्वारा ही किया जा रहा है।
पेचवर्क को लेकर बारिश से पहले किया जाता ठेकेदार से वार्षिक दर पर
अनुबंध शहर में बारिश से दौरान सडकें सबसे ज्यादा खराब होती है। ऐसे में जेडीए द्वारा बारिश से पूर्व ही इन सड़कों की मरम्मत को लेकर एआरसी(वार्षिक दर पर अनुबंध ) के तहत टेंडर किए जाते है। इस टेंडर के माध्यम से जेडीए सालभर तक ठेकेदार के माध्यम से सड़कों पर पेचवर्क के काम करवाता है, लेकिन इस काम में अक्सर लापरवाही देखी जाती है। गड्डों की ढंग से सफाई कर पेचवर्क नहीं किया जाता। इसके साथ ही जहां पानी भराव की समस्या होती है, वहां का पेचवर्क एक सप्ताह भी नही टिक पाता, क्योंकि पानी भराव की समस्या का स्थाई समाधान किए बिना ही पेचवर्क कर दिया जाता है।
सड़कों पर पेचवर्क कोल्ड और हॉट मिक्स में
सड़क पर बने गड्ढों को दो तरह के मेटेरियल से ठीक किया या भरा जाता है। बारिश के दिनों में सड़कों पर पेचवर्क का काम कोल्ड मिक्स मेटेरियल से किया जाता है। सर्दी व गर्मी में सड़कों पर पेचवर्क का काम हॉट मिक्स में किया जाता है। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि हॉट मिक्स के मुकाबले कोल्ड मिक्स का काम कमजोर होता है, जो कि हॉट मिक्स के मुकाबले जल्दी उखड़ जाता है। बारिश के चलते हॉट मिक्स का काम नहीं करवाया जा सकता है। बारिश के दौरान भरे थे खड्ढे, तेज बारिश से फिर उखड़े बारिश के दौरान आमजन को राहत देने के लिए जेडीए और निगम ने एक अभियान चलाकर सड़कों के खड्ढे भरने का काम किया था इस दौरान जेडीए और निगम ने बड़ी संख्या में गड्ढों को भरा था लेकिन एक बार फिर राजधानी में बारिश का दौर शुरू हो गया। इससे जेडीए और निगम की सारी मेहनत बह गई और सड़कों पर फिर से गहरे खड्डे बन गए। पिछले दिनों जेडीए ने यातायात बंद रखकर अजमेर रोड एलीवेटेड का मरम्मत काम किया था लेकिन उसमें फिर से खड्डे नजर आने लगे है जो कि हादसों की वजह बन सकते है।
जेडीए में डायरेक्टर इंजिनियरिंग अजय गर्ग ने बताया कि दीपावली से पहले जयपुर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा था लेकिन बारिश के चलते इस काम में खलल आया है। उम्मीद है कि तय समय पर सड़कों की मरम्मत का काम पूरा हो जाए। जयपुर के सभी जोनों की सड़कों की मरम्मत पर करीब 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च होगी।