प्रयोगशाला प्रणाली सुदृढ़ीकरण पर श्रृंखलाबद्ध प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

जगदलपुर सत्र का उद्देश्य उन जानकारियों को जिलास्तर पर लागू करना था ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता मानकों और संचालन दक्षता में एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिलों के जिला प्रयोगशाला अधिकारी, लैब तकनीशियन और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चितता, जैव सुरक्षा, उपकरण रखरखाव, डाटा प्रबंधन और लैबोरेटरी इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर व्यावहारिक सत्र शामिल थे।

इस अवसर पर फाइंड टीम के डॉ. नवीन रंजन ने कहा कि हर स्तर पर प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना समयबद्ध, विश्वसनीय और मानकीकृत निदान सेवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। कैस्केड मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि जिला स्तर के प्रशिक्षक ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए इस पहल को स्थायी बना सकें। इस दौरान सिविल सर्जन जिला अस्पताल जगदलपुर डॉ. संजय प्रसाद ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्य की दीर्घकालिक स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने निदान सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ. नेहा सर्जल, डॉ. भाग्यलक्ष्मी और सुश्री संगीता साहू ने जिलों से आए हुए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन फाइंड टीम के अंजय गुप्ता और देवेंद्र कुमार द्वारा किया गया।