उल्लेखनीय है कि फ्रांस के न्यायालय सरकाेजी को अपने करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर साज़िश रचने का दोषी पाया गया, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से धन प्राप्त करने या उसका इस्तेमाल करने के आरोप से बरी कर दिया गया। उन्होंने लगातार इस तरह के आराेपाें से इनकार किया है और मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है।
फिलहाल, सारकाेजी के वकीलों ने कहा है कि उन्होंने सरकाेजी की जल्द रिहाई के लिए अपील दायर की है। उन्हें उम्मीद है कि इस अपील की लगभग एक महीने में सुनवाई की जाएगी और हो सकता है कि वह क्रिसमस तक सरकाेजी काे रिहाई दिला पाएँ।
सारकाेजी को ला सांते के जिस एकल जेल वार्ड में रखा जाएगा, वहां उनको 14 यूरो (16 डॉलर) के मासिक शुल्क पर एक टेलीविजन और एक लैंडलाइन टेलीफोन की सुविधा मिलेगी। इस बीच सरकाेजी ने सोशल मीडिया में लिखा कि वह जेल में तीन महत्वपूर्ण किताबें साथ ले जाएंगे, जिनमें उन्हीं की तरह आरोपों का शिकार हुए व्यक्तियों की कहानी है।