रणथंभौर में टिकट प्रक्रिया हुई डिजिटल, अब मोबाइल पर मिलेगा बोर्डिंग पास

जानकारी के अनुसार पहले बोर्डिंग पास के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता था, जिससे पर्यटकों को परेशानी होती थी। कई बार सॉफ्टवेयर डाउन होने के कारण टिकट हाथ से लिखकर जारी किए जाते थे। नई डिजिटल व्यवस्था से अब यह झंझट खत्म हो गया है।

जांच प्रक्रिया भी अब आसान हो गई है। पहले चेकिंग के दौरान सभी पर्यटकों की आईडी और टिकट की मैन्युअल जांच करनी पड़ती थी, लेकिन अब स्कैनर मशीन और मोबाइल मैसेज के माध्यम से सत्यापन तुरंत हो जाता है।

उपवन संरक्षक (पर्यटन) प्रमोद कुमार धाकड़ ने बताया कि अब वीआईपी कोटे के टिकट भी पर्ची पर नहीं दिए जा रहे हैं। सभी टिकट ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबचत वाली बन गई है।