वक्फ की सुरक्षा हर कीमत पर सुनिश्चित की जाएगी: सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी

प्रक्रिया में तेज़ी लाने के उद्देश्य से आज यहाँ जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मुख्यालय

में वक्फ हेल्प डेस्क (बैक-एंड सपोर्ट सिस्टम) का उद्घाटन किया गया। हेल्प डेस्क के

माध्यम से, वक़्फ़ के संरक्षक, मस्जिदों के इमाम और धार्मिक संस्थाओं के ज़िम्मेदार

लोग सीधे हेल्प डेस्क से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वक्फ हेल्प डेस्क का

उद्घाटन जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने किया।

इस अवसर परसैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि जमाअत-ए-इस्लामी

हिंद का वक्फ विभाग लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रहा है। केंद्र के साथ-साथ कई

राज्यों में वक्फ पंजीकरण का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि “वक्फ

पंजीकरण के लिए बहुत कम समय है और यह काम बहुत बड़ा है। इसलिए, देश भर में बड़े पैमाने पर ऐसे केंद्र बनाने और उनके माध्यम से वक्फ पंजीकरण के

कार्य को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के

अंतरिम निर्णय के बाद, दस्तावेजों के आधार पर वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर

अपलोड करके पंजीकरण कार्य में तेजी लाना आवश्यक हो गया है ताकि यह कार्य समय पर पूरा

हो सके। सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी

ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण का अर्थ अनुचित वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ संघर्ष को

समाप्त करना नहीं है, बल्कि पंजीकरण के साथ-साथ इस अधिनियम के खिलाफ कानूनी

संघर्ष भी जारी रखा जाएगा।

वक्फ हेल्प डेस्क का

परिचय देते हुए केंद्र के समन्वयक इनाम-उर-रहमान खान ने कहा, “वक्फ के दस्तावेजीकरण का काम आसान नहीं है। उम्मीद पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने

में कई कठिनाइयाँ आती हैं। इन्हीं कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वक्फ हेल्प डेस्क

शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस डेस्क से पंजीकरण की सभी सुविधाएँ प्रदान की

जाएँगी।

गौरतलब है कि जमाअत-ए-इस्लामी

हिंद ने वक्फ पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक व्यवस्था की

है। इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से करने के लिए राज्य स्तर पर वक्फ प्रकोष्ठ स्थापित

किए गए हैं।