(अपडेट) बलरामपुर ज्वेलरी दुकान लूटकांड के आरोपित की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया पिटाई का आरोप

मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, उमेश सिंह को ज्वेलरी दुकान लूटकांड में पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया था। आरोप है कि, शनिवार रात उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। रविवार सुबह करीब 4.30 बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बलरामपुर सिटी कोतवाली के प्रभारी भापेंद्र साहू ने अपनी सफाई में कहा है कि उमेश सिंह को सुबह 4.20 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 4.45 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक लंबे समय से सिकलसेल बीमारी से जूझ रहा था और उसे कई बार ब्लड चढ़ाया जा चुका था।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। परिजनों का कहना है कि, पुलिस की मारपीट से ही उसकी जान गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

थाने में हुई इस मौत के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। कोतवाली थाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस घटना ने पिछले वर्ष की उस घटना की याद ताजा कर दी है, जब बलरामपुर कोतवाली में ही एक युवक की पुलिस हिरासत के दौरान उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उस समय भी लोगों ने आक्रोश में थाने पर हमला कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि, धनंजय ज्वेलर्स चोरी की यह वारदात 30-31 अक्टूबर की रात को हुई थी, जिसमें चोरों ने दुकान का शटर उठाकर करीब 50 लाख रुपये से अधिक की ज्वेलरी और नगदी चोरी कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने आठ आरोपितों को पकड़ा था। इन्हीं में से एक उमेश सिंह की अब मौत हो गई है।

फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।