धमतरी जिला पंचायतों में स्वच्छता व संपत्ति टैक्स वसूली धीमी

नगरीय निकायों की तर्ज पर अब पंचायतों में भी संपत्ति, जल, स्वच्छता और प्रकाश टैक्स की व्यवस्था लागू की गई है। शासन ने इसके लिए एक वर्ष पूर्व ही निर्देश जारी कर दिए थे, लेकिन कई पंचायतें अब भी पालन में पीछे हैं। ऐसे पंचायतों को अब वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायतों में स्वच्छता और संपत्ति शुल्क वसूली की कुल दर अभी मात्र 26.5 प्रतिशत है, जो लक्ष्य के मुकाबले काफी कम है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पंचायतों को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पंचायत सीईओ रोमा श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर शुल्क वसूली आवश्यक है, इसलिए अब पंचायतों पर कड़ाई से निगरानी की जाएगी।

विकासखंडवार वसूली की स्थिति

धमतरी विकासखंड के94 पंचायतों के 31,584 परिवारों से अप्रैल से अगस्त तक 23.66 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले केवल 6.12 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी, जबकि 17.54 लाख रुपये की राशि शेष है। 46 पंचायतों में वसूली की शुरुआत ही नहीं हो पाई। कुरूद विकासखंड के 180 पंचायतों में कुल 24.97 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित था। अब तक 8.43 लाख रुपये ही वसूले गए हैं। यहां 38 पंचायतें वसूली शुरू नहीं कर पाईं। मगरलोड विकासखंड के 66 पंचायतों में अप्रैल से अगस्त तक 15.29 लाख रुपये वसूली का लक्ष्य था। इसमें से 8.85 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि 10.44 लाख रुपये शेष हैं। यहां सभी पंचायतों में वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगरी विकासखंड के 102 पंचायतों में 20.90 लाख रुपये लक्ष्य के विरुद्ध सिर्फ 3.21 लाख रुपये ही वसूले गए हैं। यहां 52 ग्राम पंचायतें अब भी वसूली आरंभ नहीं कर पाई हैं।