1.6 करोड़ के शेयर बाजार निवेश फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश, आरोपित गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक दो कंपनियों में से एक जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी 13 शिकायतों का पता चला है, जबकि दूसरी कंपनी में महिला सशक्तिकरण फाउंडेशन से जुड़ी 45 शिकायतें सामने आई हैं।

पुलिस ने बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फर्जी संस्थाओं जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से चलाए जा रहे एक बहुस्तरीय अखिल भारतीय शेयर बाजार निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया गया और उद्यम महिला सशक्तिकरण फाउंडेशन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। यह सिंडिकेट हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन निवेश जाल, फर्जी प्री-आईपीओ स्कीम और धोखाधड़ी वाले विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चला रहा था और बड़े पैमाने पर देशभर के लोगों के साथ ठगी कर रहा था। इस मामले का खुलासा एक पीड़ित की शिकायत की जांच के दौरान हुआ, जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला के झांसे में आकर एक शख्स ने 1.6 करोड़ रूपये गंवा दिए। उसने पीड़ित को ब्रिटेन स्थित एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म स्प्रेडेक्स ग्लोबल लिमिटेड में निवेश करने के नाम पर फंसाया था।

जांच में आगे पता चला कि जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड से 15,00,000 के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली जबकि उद्यम महिला सशक्तिकरण फाउंडेशन के बैंक खाते में 11,00,000 के ट्रांजेक्शन का पता चला।

छानबीन में यह भी पता चला कि ठाणे स्थित मालिक विशाल चौरे उनकी पत्नी इस खाते का संचालन करते थे। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली के शकरपुर में जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड का एक फर्जी कार्यालय बनाया गया था, जहां केवल धोखाधड़ी के धन को वैध बनाने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर महाराष्ट्र के बल्लभगढ़ और ठाणे में छापेमारी कर जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सुनील कुमार, विशाल चौरे और उनकी पत्नी एवं संयुक्त खाताधारक को धोखाधड़ी वाले बैंक खाते संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया।