हिमाचल में सुखी ठंड का प्रकोप, इस माह 91 फीसदी कम बारिश

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के ताबो में इस सीजन की दूसरी सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां बीती रात न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 13 नवम्बर को ताबो का तापमान -7.4 डिग्री दर्ज हुआ था। ठंड का असर केवल स्पीति तक सीमित नहीं है, बल्कि केलांग, कुकुमसेरी और कल्पा जैसे क्षेत्रों में भी पारा शून्य से नीचे चला गया है। केलांग में बीती रात का तापमान -4.1 डिग्री रहा, जबकि कल्पा में पारा -0.5 डिग्री पर दर्ज हुआ। कुकुमसेरी में भी पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है।

राजधानी शिमला में भी अब रातें ठंडी होने लगी हैं और यहां का न्यूनतम तापमान गिरकर 6.8 डिग्री पर आ गया है। कुछ दिन पहले तक शिमला का पारा ऊना और धर्मशाला से अधिक था, लेकिन अब तेजी से गिरावट देखी जा रही है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी तापमान नीचे जा रहा है। सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान 4.3, भुंतर 3.7, धर्मशाला 9.8, ऊना 7.7, नाहन 9.6, पालमपुर 5, सोलन 3.7, मनाली 2.7, कांगड़ा व मंडी 6.3-6.3, बिलासपुर 7.9, हमीरपुर 5.3, जुब्बड़हट्टी 7, कुफरी 3.4, नारकंडा 1.5, भरमौर 4.7, रिकांगपिओ 2.4, सेओबाग 2.5, बरठी 5.8, कसौली 9.3, पांवटा साहिब 12, सराहन 5.2, देहरा गोपीपुर 8, नेरी 10.8 और बजौरा में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर धूप खिलने के बावजूद अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। सुंदरनगर, मंडी और बिलासपुर में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रहा।

मौसम विभाग ने मंडी की बल्ह घाटी और बिलासपुर में भाखड़ा डैम जलाशय के आसपास सोमवार सुबह घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इससे इन क्षेत्रों में दृश्यता कम रहने की आशंका जताई गई है। अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखी गई है।

रविवार को ऊना में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री और शिमला में 15.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री नीचे रहा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 29 नवंबर तक मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा, जिससे बारिश और बर्फबारी की संभावना बहुत कम है।

इसी कारण शुष्क ठंड और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस माह अब तक 91 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। सामान्यतः 23 दिनों में 13.3 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार केवल 1.2 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है। बारिश और बर्फबारी की कमी से प्रदेश में सुखी ठंड और अधिक तेजी से बढ़ रही है।