हिसार, 6 नवंबर । अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष
देवेंद्र बुड़िया की जमानत खारिज करवाने के लिए पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर
की है। पीड़िता के वकील दीपांशु बंसल एडवोकेट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिसार द्वारा
देवेंद्र बुड़िया को दी गई जमानत को गैर कानूनी बताते हुए रद्द करने के लिए मांग की
है। पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट ने देवेंद्र बुड़िया और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी
कर प्रदेश सरकार को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए निर्देश दिए हैं। मामले में
अगली सुनवाई आगामी 13 जनवरी को होगी।
हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका में पीड़िता ने कहा है कि उसके केस में बिना चार्ज
फ्रेम हुए और बिना पीड़िता के गवाही के हिसार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा गलत तथ्य
के आधार पर आरोपी को जमानत दी गई है। जिस आधार पर जमानत दी गई है, उसी पर अतिरिक्त
सत्र न्यायाधीश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा देवेंद्र बुड़िया की अग्रिम जमानत
खारिज की गई थी, तो वहीं वह कागज चालान का हिस्सा तक नहीं है, जिसको आधार बनाकर जमानत
दी गई है, जिसे जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसके साथ साथ देवेंद्र बुड़िया को
दी गई जमानत में कोई शर्त भी कोर्ट द्वारा नहीं लगाई गई। पीड़िता द्वारा दायर की गई
याचिका में काफी अन्य कानूनी आदेशों का भी हवाला दिया गया है, जिसको लेकर उन्होंने
देवेंद्र बुढ़िया की जमानत को रद्द करने की मांग की है।
पीड़िता ने देवेंद्र बुड़िया द्वारा अनुचित दबाव बनाने समेत गवाहों को डराने
और धमकाने के भी आरोप लगाए हैं। इसको लेकर एक अन्य शिकायत का भी हवाला दिया गया हैं,
जो कि पीड़िता द्वारा जिले के पुलिस अधीक्षक को दी गई है। पीड़िता की याचिका पर सुनवाई
करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस करते हुए स्टेट्स रिपोर्ट मंगाई है।