सीएमई में रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के पैलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मयूर घोघरी ने विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैंसर रोगियों को दर्द, सांस फूलना, खून का रिसाव, थकान, बेसुधी, चिंता और डिप्रेशन जैसे शारीरिक व मानसिक लक्षणों से जूझना पड़ता है। ऐसे में कैंसर का पता लगते ही पैलिएटिव केयर शुरू कर देना चाहिए, जिससे मरीज की शारीरिक तकलीफों के साथ मानसिक पीड़ा भी कम होती है। उन्होंने कहा कि यह देखभाल न सिर्फ रोगी की जीवन-गुणवत्ता बढ़ाती है बल्कि उनके परिवार को भी भावनात्मक सहारा देती है।
कार्यक्रम का संचालन IMA पदाधिकारियों—डॉ. वी.वी. सिंह (कार्यकारी अध्यक्ष), डॉ. अंशु अग्रवाल (सचिव), डॉ. शालिनी महेश्वरी (कोषाध्यक्ष), डॉ. गिरीश अग्रवाल, डॉ. कामेंद्र सिंह सहित अन्य चिकित्सकों की उपस्थिति में किया गया।
यह सीएमई चिकित्सकों के लिए अत्यंत उपयोगी रही और मरीज-केंद्रित उपचार की नई सोच को मजबूती प्रदान कर गई।