जिले के श्रीडूंगरगढ़ में एडवोकेट बजरंग तावणिया द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में ओझा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के किनारे बसे लोग सारस्वत कहलाते हैं।” बीकानेर की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि “यहां क्षमता है, पर आत्मविश्वास की कमी है। अमेरिका में स्नातक युवा करोड़ों कमा रहे हैं, जबकि यहां डिग्रीधारी बेरोजगारी में फंसे हैं। कंपनियां आने और माइंडसेट बदलने से ही परिवर्तन संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि बीकानेर कभी विकास में अग्रणी था, मगर अदूरदर्शी नीतियों और संकीर्ण सोच के कारण पिछड़ता चला गया। ओझा ने युवाओं को वेद, धर्म और संस्कृति के मूल तत्व को समझने की प्रेरणा दी। उन्हाेंने युवाओं को आत्मविश्वास, संस्कृति और विकास की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक ताराचंद सारस्वत ने भी विचार रखे।