शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पर करिशमा बीएड कालेज में कार्यशाला का आयोजन

इस अवसर पर मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के क्षेत्रीय संयोजक जग राम ने भविष्य के शिक्षकों को चरित्र निर्माण के महत्व पर अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति की विशेषताओं को उजागर करते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु इसलिए कहा जाता था, क्योंकि यहां शिक्षा केवल पुस्तकीय नहीं, बल्कि व्यवहारिक, कौशल-आधारित, आध्यात्मिक और चरित्र निर्माण पर आधारित थी।उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर चिंतन करते हुए कहा कि आज भारत, भारत नहीं बल्कि इंडिया बन गया है। यदि हमें पुनः विश्व गुरु बनना है, तो शिक्षा सुधार और भारतीय शिक्षा पद्धति का पुनरुत्थान अनिवार्य है। इस अवसर पर प्रांत संयोजक वास्तुकार सुरेश शर्मा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एच. एस. राणा, प्रांत सह संयोजक विशाल आज़ाद,

प्रांत संयोजक तकनीकी शिक्षा सुनील कुमार, शिक्षा केंद्र मंडी के संयोजक गुरुदेव सिंह राणा तथा महाविद्यालय का संपूर्ण प्राध्यापक वर्ग उपस्थित रहा। कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को नैतिक एवं आदर्श शिक्षक बनने की प्रेरणा दी, जो समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।