काशी शब्दोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता के लिए एक हजार छात्र छात्राओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि काशी शब्दोत्सव कार्यक्रम में प्रथम सत्र की अध्यक्षता आचार्य मिथलेश शरण नंदिनी जी महाराज करेंगे। वही वक्त के रूप में प्रोफेसर सच्चिदानंद मिश्र, प्रोफेसर हीरामन तिवारी एवं प्रोफेसर बृजेंद्र पांडे रहेंगे। प्रथम सत्र का विषय भारतीय समाज दर्शन रहने वाला है। प्रतिदिन समानांतर सत्र भी चलता रहेगा, प्रबंधन के भारतीय सूत्र विषय पर द्वितीय सत्र रहेगा। जिसमें प्रोफेसर आशीष बाजपेई, प्रोफेसर अभिराज मिश्र, प्रोफेसर रविंद्र रैना, प्रोफेसर पवन कुमार सिंह उपस्थित रहेंगे। तृतीय सत्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आध्यात्मिक राष्ट्रीयता एवं एकात्मक जीवन दर्शन विषय पर रहेगा।

इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह करेंगे एवं वक्ता के रूप में प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी, प्रफुल्ल केतकर, मनोहर शिंदे उपस्थित रहेंगे। चतुर्थ सत्र में भारतीय संस्कृति एवं कलाएं विषय पर पद्मश्री प्रोफेसर राजेश्वर आचार्य अपना उद्बोधन देंगे। साथ ही पद्मश्री अद्वैत चरण भी इस सत्र में वक्ता के रूप में रहेंगे। गायत्री मेहता एवं प्रोफेसर आनंद शंकर भी वक्ता के रूप में रहेंगे।

पत्रकार वार्ता में डॉ हरेंद्र राय ने पांचवें, छठवें सातवें और आठवें सत्रों के बारे में बताते हुए कहा कि पांचवा सत्र पर्यावरण संवाद विषय पर है और इसमें वक्तागण के रूप में आनंद कुमार त्यागी, पद्मश्री उमाशंकर पांडे, रोहित मेहरा, प्रोफेसर संजीव कुमार रहेंगे। छठवें सत्र में भारतीय साहित्य समष्टि बोध एवं परीव्याप्ति विषयक पर प्रोफेसर चक्रधर त्रिपाठी, मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर इंदु शेखर, डॉक्टर जगदिन्द्राराय चौधरी, प्रोफेसर उषा रानी राव, प्रोफेसर अशोक विठोबा विषय बिंदु पर प्रकाश रखेंगे। तीसरे दिन 18 नवम्बर को सातवां सत्र 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक होगा। यह सत्र कुटुम्ब व्यवस्था का वैश्विक संदर्भ विषय पर रहने वाला है।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा अध्यक्षता करेंगे एवं वक्ता के रूप में मुकुल कानितकर, महेंद्र कपूर, प्रोफेसर नमिता गांधी रहेंगे। आठवां सत्र समानांतर सत्र होगा यह समसामयिक वैश्विक परिदृश्य संस्कृति एवं कूटनीति के परिपेक्ष में विषय पर आधारित होगा। इसमें वक्ता के रूप में अनंत विजय, संदीप भूतौडिया, प्रोफ़ेसर गीता भट्ट, शाम्यता रहेंगे। काशी शब्दोत्सव कार्यक्रम के तीनों ही दिन आयोजन समिति एवं संरक्षक मंडल से जुड़े प्रमुख चेहरे कार्यक्रम में अपनी सहभागिता करते हुए दिखाई देंगे।