आगामी विधानसभा चुनाव के बीच शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गाकर देशभक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
प्रकाश पाल ने कहा कि आजादी के महामंत्र मां भारती के आत्मा के गान वंदेमातरम् के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने पर पूरे देश उस जज्बे को सलाम करता है। 7 नवम्बर 1875 में पहली बार एक संगोष्ठी के दौरान बंकिम चंद चटर्जी ने इसका गायन किया था। 1823 में कांग्रेस के अधिवेशन में मौलाना मोहम्मद अली ने इसका विरोध किया था। कुछ इसी तरह से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी इसका विरोध किया था।
हमारा देश जब आजाद हुआ था। तब दूरदर्शन पर सबसे पहले वंदे मातरम् का ही प्रसारण किया गया था और देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने इसे राष्ट्रीय गीत की मान्यता दी थी। आज डेढ़ सौ साल पूरे होने के बाद हम भारतीय गर्व से वंदे मातरम् गाकर देश की आजादी में अपनी आहुति देने वाले क्रांतिकारियों को नमन करते हैं।