उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रमुखों से आग्रह किया कि वे भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहल करें। श्री शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते पुनर्वास नहीं किया तो सुरक्षा बल अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। जो लौट आएंगे, उनका लाल कालीन बिछा कर स्वागत किया जाएगा और उनके सुनहरे भविष्य के लिए सरकार संकल्पित है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं पूर्वर्ती गांव की नक्सल लीडर हिड़मा की वृद्ध माता से मिलकर उनके पुत्र को हिंसा छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से बस्तर संभाग के आदिवासी अंचल विकास से वंचित रहे हैं, पर अब समय आ गया है कि सभी मिलकर बस्तर को शांति और प्रगति के मार्ग पर ले जाएं। श्री शर्मा ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय गृहमंत्री ने सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए समय सीमा तय की है। इसी दिशा में शासन की ‘पुनर्वास नीति 2025’ के अंतर्गत बड़ी संख्या में माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।गृहमंत्री ने बताया कि जगदलपुर में 210 माओवादी एक साथ हथियारों छोड़कर पुनर्वास कर चुके हैं, जिनमें 92 युवा बीजापुर जिले के हैं। ये सभी पुनर्वास केंद्र में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित परिवारों से अपील की कि वे अपने पुनर्वासित परिजनों से मिलने जरूर जाएं ताकि उन्हें भी प्रोत्साहन मिले एवं अन्य भटके हुए युवाओं को भी लौटने के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर संबित मिश्रा, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व संदीप बलगा, सहित जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच, समाज प्रमुख एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।