बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज, जिप सीईओ नागेन्द्र पासवान, विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सुदीप्त राज, तीनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, एलडीएम प्रतिनिधि और विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ उपस्थित थेे।
बैठक में जिले के 7 प्रखंडों के 10 गांवों को मॉडल सोलर विलेज प्रतियोगिता के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें मुसाबनी के पारूलिया और धोबनी, धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला का बड़ाजुड़ी, पोटका के हाड़तोपा और कालिकापुर, बहरागोड़ा का मानुषमुड़िया, पटमदा के बड़ा बांगुड़दा और बिडरा तथा बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं।
निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार इन गांवों में छह माह का चैलेंज पीरियड रहेगा। इस दौरान सौर ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे पीएम–कुसुम योजना, सोलर आधारित सिंचाई, सरकारी भवनों पर सोलर पैनल, गांवों में स्ट्रीट और हाई मास्ट सोलर लाइट की अधिकतम स्थापना सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। छह माह के बाद जिस गांव में नवीकरणीय ऊर्जा लगाने की क्षमता सर्वाधिक होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा और एक करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी बीडीओ और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि चिन्हित गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की संपूर्ण जानकारी दी जाए और पात्रता, सब्सिडी व आवेदन प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक गांव में व्यावहारिक कार्ययोजना के साथ समयबद्ध कार्य किए जाएं।