इस अवसर पर बोलते हुए खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि यह ‘सनातन एकता पदयात्रा’ केवल एक आध्यात्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा, भक्ति-भाव और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम है।
यह पदयात्रा दिल्ली से लेकर वृंदावन तक सनातन संस्कृति को मजबूत करने के लिए सेतु का काम करेगी। उन्होंने कहा कि पदयात्रा में श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह ने यह सिद्ध किया कि सनातन संस्कृति केवल हमारी विरासत ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार, राष्ट्र की आत्मा और पीढिय़ों को जोडऩे वाली अमिट धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा का का उद्देश्य समाज में समरसता स्थापित करना, भारत एक गौरवशाली राष्ट्र बनाना, मां यमुना स्वच्छ और सुंदर बहे, ब्रजधाम क्षेत्र मांस और मदिरा से पूर्णता मुक्त हो है। उन्होंने बताया कि वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में धर्म ध्वजा चढ़ाने के साथ इस पदयात्रा का समापन होगा।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पदयात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों के बीच समुचित समन्वय स्थापित कर यात्रा को सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से पदयात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि पदयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं पदयात्रा मार्ग पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की भी तैनाती गई है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ की निगरानी की जा रही है। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।