पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना : गिरीश चंद्र यादव

यह पदयात्रा सुबह 7:30 बजे सिद्दीकपुर स्थित राजहंस मैरिज लॉन से शुरू हुई। जो कुत्तूपुर चौराहा, विष्णु मोटेल (सुखेपुर), कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, ओलंदगंज और जोगियापुर से होते हुए आगे बढ़ी जहां लोगों द्वारा पद यात्रा का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा का समापन कलेक्ट्रेट स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर हुआ। इसके बाद एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्री गिरीशचंद्र यादव ने सरदार पटेल के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।

गिरीशचंद्र यादव ने बताया कि पूरे देश में ‘विकसित भारत पदयात्राओं’ का आयोजन किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण’ के विचार से प्रेरित है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत, युवा से लेकर बुजुर्गों तक सभी को भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए एक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा, सरदार वल्लभभाई पटेल का देश के लिए जो योगदान है, उसे भुलाया नहीं जा सकता।

गिरीशचंद्र यादव ने आगे कहा कि सरदार पटेल ने सभी रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था। हम सभी उनके पदचिन्हों पर चलने का काम कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी उनके आदर्शों का पालन करने की आवश्यकता है।