उल्लेखनीय है कि एक साल के भीतर नारायणपुर के अबूझमाड़ में 16वां सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प खोला गया है। अबूझमाड़ क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों से प्रभावित होकर वर्ष 2024-25 में नक्सल विचारधारा को त्याग कर 208 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं एवं सुरक्षाबलों ने विभिन्न अभियानों 99 नक्सलियाें को मार गिराने व 117 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित हुई है।
ग्राम जाटलूर क्षेत्र में ओरछा -आदेर – लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वीं 38 वीं 40वीं 44वीं वाहिनी के द्वारा घुर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र नक्सलियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल ग्राम जाटलूर में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। इस दौरान डीआईजी कांकेर रेंज अमित तुकाराम एवं एसपी नारायणपुर रॉबिनसन गुड़िया ने अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम जाटलूर, मुरुमवाड़ा, कूरकास, धोबे, हरवेल एवं आसपास गांव से आये ग्रामीणों से कुशलक्षेम जानकर उनके समस्याओं को सुना गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैम्प की मांग किया गया, जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मारे गये ग्रामीणाें के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नक्सलवाद की प्रताड़ना को व्यक्त किया और इस बात के लिए खुशी जाहिर किये कि पुलिस कैम्प खुलने से अब भय मुक्त जीवन जी सकेंगे। नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम,तोके और जाटलूर में कैम्प खोली जा चुकी है।