नरपत सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे ‘हाड़े’ से अधिक मात्रा में गन्ना लेकर मिल न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे किसानों को नुकसान होता है और चीनी मिल को भी सूखा व बासी गन्ना मिलने से हानि उठानी पड़ती है।
उन्होंने किसानों से अपनी और चीनी मिल की बेहतरी के लिए साफ-सुथरा, ताजा, जड़-पत्ती और अगोला रहित गन्ना ही आपूर्ति करने का आग्रह किया। मिल प्रबंधन का कहना है कि इससे समय पर गन्ने का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। संयुक्त अध्यक्ष ने किसानों से यह भी अनुरोध किया कि वे अपना गन्ना कम दामों में कोल्हू या क्रशरों पर न बेचें। मिल प्रबंधन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि चीनी मिल द्वारा गन्ने का भुगतान समय पर किया जाता रहेगा। इसके अतिरिक्त, मिल प्रबंधन ने किसानों से गेहूं के साथ गन्ना बुवाई की विधि अपनाने का आग्रह किया है।