अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मांगों से संबंधित एक मांग पत्र भी सौंपा है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने शुक्रवार को ही बैठक कर एक नवम्बर को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया था और पोस्टर चस्पा कर दिए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशे के कारण युवाओं की लगातार मौतें हो रही हैं, परंतु स्थानीय प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में नाकाम रहा है। सरपंच हरचरण, डिंपी कुमार, सुरेंद्र कुमार, मिठु कंबोज व जगतार सिंह ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में नशा तस्करों के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे लोगों को सरकारी वकील और सुरक्षा प्रदान की जाए।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले व्यक्तियों पर तस्करों, पुलिस, प्रशासन या अधिकारियों द्वारा कोई दबाव न डाला जाए। ग्रामीणों ने गांव में नशे के कारण हो रही मौतों का सिलसिला रोकने, पीडि़तों का इलाज और पुनर्वास कर उन्हें रोजगार के माध्यम से मुख्यधारा में जोडऩे की मांग की है। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों में नशे से मौतें हुई हैं, उन्हें सरकारी सहायता प्रदान करने और इलाके में नशे पर अंकुश लगाने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स तैनात करने की भी मांग की गई है।