सिंधिया ने खिलाड़ी क्रांति गौड़ पर जताया गर्व, बोले-लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सांसद खेल महोत्सव का उद्घाटन किया, जिसमें जिले के सभी विकासखंडों से हजारों खिलाड़ी पहुँचे। उन्होंने इसे गुना के युवाओं और इस क्षेत्र के भविष्य में सबसे बड़ा निवेश बताया। उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिलों की सौगात भी दी। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की प्रतिभाओं से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और सकारात्मकता का निर्माण करते हैं। साथ ही उन्होंने इस महोत्सव को युवाओं को मुख्यधारा में लाने वाला “भविष्य निर्माण का जन-उत्सव” बताया। महोत्सव में कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स, क्रिकेट, लंबी कूद, लागोरी( सितोलिया) और फ्रीस्टाइल रेस सहित कई प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप, खेलों को केन्द्रित नहीं, बल्कि विकेन्द्रीकृत करना है। उन्होंने ब्राजील की सॉकर टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि असली हुनर बड़े शहरों से नहीं, बल्कि गाँव से निकलती है और आईपीएल में मध्य प्रदेश लीग के 11 खिलाड़ियों का चयन होना बताता है कि प्रदेश में खिलाड़ियों के हुनर को सही मंच मिल रहा है। सिंधिया ने कहा कि मेरे प्रदेश के बच्चे जब अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन करते हैं तो मन गौरव से भर जाता है।

जिले के खेल परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनेगा ‘गुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’

सिंधिया ने 6.57 हेक्टेयर भूमि पर 16.93 करोड़ की लागत से बने आधुनिक गुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। यह खेल परिसर एक बहु-उद्देश्यीय आधुनिक संरचना होगा, जिसमें 400 मीटर का एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, स्वीमिंग पूल, और स्क्वॉश कोर्ट जैसी विभिन्न सुविधाएँ शामिल होंगी। उन्होंने इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति की निगरानी के लिए गैर-राजनीतिक स्पोर्ट्स पर्सन समूह बनाने का भी सुझाव दिया। सिंधिया ने सागर की बेटी क्रान्ति गौर का उदाहरण देते हुए कहा कि आठ क्लास के बाद पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट की बॉल उठाई और राष्ट्र ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचकर टी-20 का वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत के लाई। उनकी यह जीत उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को उड़ान देना चाहती हैं।

दिव्यांगजनों को सिंधिया ने वितरित की ट्राइसाइकिल

कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कभी मत समझना कि कुछ असंभव है, खासकर दिव्यांगजनों के लिए। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बहनों (महिलाओं) की क्रिकेट टीम भी क्रिकेट के क्षेत्र में वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत के आई है। यदि आप गांठ बांध लेंगे, तो असंभव को भी संभव करके दिखाएंगे। सिंधिया ने दिव्यांगजन शब्द को अदम्य साहस का प्रतीक बताते हुए कहा कि है हमने पैरा गेम्स में एथलेटिक्स, ट्रायसायकल रेस, और पेंटिंग को शामिल किया है। यह इसलिए, क्योंकि खेल के मैदान पर हर नागरिक समान है। हमारे दिव्यांग खिलाड़ियों ने पैरालंपिक में जो इतिहास रचा है, वह हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज वितरित की गई ट्रायसाइकल इन खिलाड़ियों के जीवन में सुगमता लेकर आएंगी ताकि ये भी राष्ट्रनिर्माण के हमारे लक्ष्य में बराबर का योगदान दे पाएं।

सिंधिया ने दोहराया जनसेवा और युवा सशक्तीकरण का संकल्प

अपने संबोधन में सिंधिया ने कहा कि गुना मेरे लिए किसी निर्वाचन क्षेत्र से अधिक है, यह मेरा परिवार है। उन्होंने टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने गुना की जनता को आह्वान किया कि वे अपने मोबाइल फ़ोन से बाहर निकलकर खेलकूद के मैदान में आएं, क्योंकि इससे उनकी बौद्धिक क्षमता और प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से हर श्रेणी और हर उम्र के लोगों का खेल महोत्सव आयोजित करने का भी आग्रह किया। सिंधिया ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास हुआ है, वे सिर्फ संरचनाएँ नहीं, बल्कि गुना के हर युवा के सपनों की मजबूत नींव हैं। उन्होंने नागरिकों से ‘खेलो गुना- खेलो भारत’ का संकल्प लेने का आह्वान किया।

सिंधिया ने 120 मीटर लंबे खोखर पुल सहित करोड़ों के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को गुना-अशोकनगर (मावन), म्याना लहरघाट मार्ग पर बनाए गए 120 मीटर लंबे खोखर पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण पर 4.98 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके चालू होने से क्षेत्र के लगभग 24 गांवों के 15,875 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। साथ ही तहसील एवं जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम होने के साथ अशोकनगर जिले की दूरी में भी कमी आएगी। कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से की गई। इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ऊमरी–सिरसी मार्ग से हाथीकूदन तक 0.70 किमी लंबे सड़क निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया, जिस पर 0.52 करोड़ रुपये की लागत व्यय की गई है।

इस अवसर पर सिंधिया ने कहा पहले गांवों में पगडंडियां ही हुआ करती थीं, लेकिन आज प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र पक्की सड़कों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा पहले बैलगाड़ियों से अनाज ढोया जाता था, जिसमें रास्ते में आधा अनाज गिर जाता था, परंतु आज हाईवे से लेकर गांव तक संपूर्ण सड़क सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि तीन दिनों के इस प्रवास में लगभग 175 करोड़ रुपये के विकास कार्य लेकर आए हैं। सिंधिया ने कहा वे स्वयं को जनप्रतिनिधि के बजाय क्षेत्रवासियों के परिवार के सदस्य के रूप में देखते हैं। ग्रामीणों की छोटी-बड़ी हर मांग को पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है।

________________