जगदलपुर, 26 दिसंबर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सिकलसेल और एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान को अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी नई गति मिलने लगी है । राज्य को सिकलसेल मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कलेपाल में आज शुक्रवार को स्वास्थ्य जागरूकता के तहत शासन की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बनयान रूफ फाउंडेशन ने एक साझा प्रयास किया।
बनयान रूफ फाउंडेशन के डायरेक्टर कुलदीप सिंह चौहान के विशेष मार्गदर्शन में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र एवं पंचायत भवन के प्रांगण में सिकलसेल, एनीमिया विश्लेषण शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर का मुख्य लक्ष्य शासन की योजनाओं के तहत समाज के हर वर्ग, विशेषकर बच्चों और उनके परिजनों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को समझाया कि सिकलसेल कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि समय रहते जांच और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से इसके साथ भी एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का स्तर यह था कि सुबह से ही शिविर स्थल पर भीड़ जुटने लगी थी। दिन भर चले इस अभियान में 200 से अधिक ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस आयोजन की सफलता में स्वास्थ्य विभाग और बनयान रूफ फाउंडेशन की पूरी टीम का समर्पण साफ दिखाई दिया। स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में गंगोत्री, लैब टेक्नीशियन सुगंध तथा स्टाफ नर्स प्रियंका, चंद्रिका और कुसुम ने पूरी तन्मयता से अपनी सेवाएं दीं। इस अभियान को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी सराहनीय रहा। रूरल मेडिकल असिस्टेंट आभा साहनी और उनके स्टाफ ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया, तो वहीं ग्राम पंचायत कलेपाल के सरपंच तरुण बघेल एवं अन्य पंचायत पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को घर-घर जाकर प्रेरित किया और उन्हें शिविर तक लाने में येगदान दिया।